उत्तर प्रदेश में बरेली के सिटी मजिस्ट्रेट अलंकार अग्निहोत्री ने योगी सरकार पर आरोप लगाया है कि अब उन पर दबाव बनाने की कोशिशें की जा रही हैं। उन्होंने आरोप लगया है कि जिला मजिस्ट्रेट अविनाश सिंह उन्हें स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) के मामले पर फंसाना चाहते हैं। उनका कहना है कि इस्तीफे को SIR से जोड़ने की कोशिश की जा रही है, जिससे यह साबित हो सके कि SIR न करा पाने की वजह से अलंकार अग्निहोत्री ने इस्तीफा दिया है। उन्होंने दावा किया कि सीनियर अधिकारी, जबरन छुट्टी पर भेजने का दबाव बना रहे हैं। उन्होंने दावा किया कि किसी ने लखनऊ से फोन करके कहा कि पंडित पागल हो गया है, इसे बंधक बना लो।
अलंकार अग्निहोत्री ने कहा कि जिला मजिस्ट्रेट अविनाश सिंह ने उन्हें तो बातचीत के लिए बुला लिया लेकिन साथ में मौजूद बार एसोसिएशन के सचिव दीपक पांडे को इंतजार करने के लिए कहा और बाहर भेज दिया। डीएम न अपने दफ्तर में बैठा लिया था, बार-बार लालच दी जा रही ही थी और कहा जा रहा था कि छुट्टी लेकर आराम करो। अलंकार अग्निहोत्री ने मीडिया के सामने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि वह मुश्किल से अपनी जान बचाकर भागे हैं।
अलंकार अग्निहोत्री ने क्या आरोप लगाए?
अलंकार अग्निहोत्री ने जिला मजिस्ट्रेट के साथ हुई बातचीत के बाद हुई प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा, ‘करीब एक घंटे पहले जिला अधिकारी अविनाश सिंह ने बातचीत करने के लिए बुलाया। वह हमारे अभिभावक रहे हैं। मैं वहां गया, उस समय तक पुलिस कप्तान अनुराग आर्या नहीं थे। जिला अधिकारी ने उन्हें बुलाया। बार एसोसिएशन के सचिव दीपक पांडेय को अलग कर दिया गया। मुझे प्रलोभन दिया जा रहा था, तुम 3-4 दिन की छुट्टी लेकर आराम करो। बाद में एग्जिट ले लेना। मुझ पर दबाव की रणनीति बनाने की कोशिश की गई, फिर छुट्टी पर जाने के लिए कहा गया।’