सुप्रीम कोर्ट में पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी वकील की तरह पेश होने वाली हैं। स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन पर अपनी आपत्तियों को लेकर वह सुप्रीम कोर्ट में पहुंची हैं। वह लंबित याचिका पर बहस की इजाजत मांग रही हैं। चुनाव आयोग की ओर से वोटर लिस्ट की स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन की प्रक्रिया पर ममता बनर्जी सवाल उठा रही हैं।
ममता बनर्जी ने व्यक्तिगत रूप से पेश होने और बहस करने की अनुमति के लिए एक अंतरिम आवेदन दाखिल किया है। ममता बनर्जी बुधवार को कोर्ट रूम नंबर 1 में अपने वकीलों के साथ व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होंगी। मुख्यमंत्री के नाम पर जारी गेट पास जारी हुआ है।
किसकी कोर्ट में पेश होंगी ममता बनर्जी?
केस की सुनवाई भारत के चीफ जस्टिस सूर्यकांत और जस्टिस जॉयमाल्या बागची और जस्टिस विपुल पांचोली की बेंच करेगी। चीफ जस्टिस सूर्य कांत, जस्टिस जॉयमाल्या और जस्टिस विपुल एम पंचोली की बेंच केस पर बुधवार को ही विचार करेगी कि इस पर बहस हो या नहीं।
ममता बनर्जी ने पहले अनुच्छेद 32 के तहत एक याचिका दाखिल की थी, जिसमें SIR प्रक्रिया को चुनौती दी गई थी। अपनी अंतरिम पिटीशन में ममता बनर्जी ने कहा है कि वह अनुच्छेद 32 की रिट याचिका में याचिकाकर्ता हैं और मामले के तथ्यों और परिस्थितियों से अच्छी तरह परिचित हैं।