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केंद्र सरकार की ओर से गठित ‘भारतीय भाषा समिति’ ने देश की सभी भाषाओं को उस परिवार का हिस्सा बताया है, जिसे ‘संस्कृत’ भाषा जोड़ती है। साल 2021 में शिक्षा मंत्रालय ने इस समिति का गठन किया था। भारतीय भाषा समिति के अध्यक्ष प्रोफेसर चमू कृष्ण शास्त्री हैं, उन्हीं की नेतृत्व वाली समिति ने यह कहा है। समिति ने दो खंडों वाली किताब निकाली है। किताब का नाम ‘भारतीय भाषा परिवार’ है।
किताब में कहा गया है कि भारत की भाषाएं सिर्फ व्याकरण से नहीं, बल्कि भारतीयता और आध्यात्मिक व्याकरण से जुड़ी हैं। यह भारतीयता वेदों, महाभारत, रामायण जैसे संस्कृत ग्रंथों से आती है। किताब कहती है कि तमिल भाषा का व्याकरण भी संस्कृत से प्रभावित है, तोल्काप्पियम जैसे ग्रंथ आर्य परंपरा से जुड़े हैं।