विकसित भारत यंग लीडर्स डायलॉग 2026 के अंतिम दिन युवाओं द्वारा प्रस्तुत किए गए 10 थीम आधारित आइडियाज इस आयोजन का प्रमुख आकर्षण रहे। चार दिन तक चले इस संवाद में देशभर से चुने गए युवा नेताओं ने शासन, अर्थव्यवस्था, कृषि, स्टार्टअप, महिला सशक्तिकरण और पर्यावरण जैसे क्षेत्रों में काम करने लायक नीतिगत सुझाव दिए।
लोकतंत्र और शासन से जुड़े ट्रैक में युवाओं ने ग्राम स्तर की कार्य योजनाओं, नीति एवं करियर लैब, और युवा फेलोशिप मॉडल जैसे सुझाव रखे। महिला नेतृत्व वाले विकास ट्रैक में “RISE फ्रेमवर्क” के जरिए प्रतिनिधित्व, कौशल और आर्थिक सशक्तिकरण को 2047 तक भारत की प्रगति की कुंजी बताया गया। फिट भारत–हिट भारत ट्रैक में पोषण, खेल और तकनीक को जोड़ते हुए राष्ट्रीय वेलनेस फ्रेमवर्क का प्रस्ताव सामने आया।
स्टार्टअप ट्रैक में युवाओं ने भारत को दुनिया की स्टार्टअप राजधानी बनाने का विजन रखा। “एक दिन में एग्जिट, एक हफ्ते में रीस्टार्ट” जैसे विचारों के साथ स्टार्टअप बैंक, स्टार्टअप हेल्थ इंडेक्स और हर मंत्रालय में स्टार्टअप सेल की बात कही गई। इस पर प्रतिक्रिया देते हुए केंद्रीय मंत्री मनसुख मांडविया ने कहा कि इनोवेशन भारतीय जरूरतों और परिस्थितियों पर आधारित होना चाहिए।
सॉफ्ट पावर और सांस्कृतिक कूटनीति ट्रैक में सेवा, संस्कृति और तकनीक के समन्वय से भारत के वैश्विक प्रभाव को मजबूत करने पर जोर दिया गया। परंपरा के साथ नवाचार ट्रैक में पारंपरिक ज्ञान और आधुनिक तकनीक के मेल से टिकाऊ विकास की रणनीति सामने आई। आत्मनिर्भर भारत ट्रैक में मेक इन इंडिया 3.0, टियर-2 और टियर-3 शहरों में विनिर्माण विस्तार और स्वदेशी उत्पादों के वैश्विक प्रचार पर फोकस रहा।
कृषि, हरित विकास और भविष्य के लिए तैयार कार्यबल जैसे ट्रैक्स में भी युवाओं ने स्मार्ट खेती, ग्रीन जॉब्स, स्किल पासपोर्ट और गिग-टू-जॉब मॉडल जैसे सुझाव दिए। कुल मिलाकर, विकसित भारत यंग लीडर्स डायलॉग 2026 एक ऐसे मंच के रूप में उभरा, जहां युवाओं की सोच नीतिगत रोडमैप में बदली। राष्ट्रीय युवा दिवस पर इसका समापन इस संदेश के साथ हुआ कि सशक्त और प्रेरित युवा ही विकसित, आत्मनिर्भर और वैश्विक भारत की सबसे बड़ी ताकत हैं।