दिल्ली: केंद्र सरकार ने राष्ट्रीय खेल प्रशासन अधिनियम, 2025 के तहत राष्ट्रीय खेल प्रशासन (राष्ट्रीय खेल निकाय) नियम, 2026 को अधिसूचित कर दिया है। Press Information Bureau (PIB) द्वारा 12 जनवरी 2026 को जारी इस अधिसूचना को देश में वैधानिक खेल प्रशासन ढांचे को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। इन नियमों का उद्देश्य राष्ट्रीय खेल निकायों (NSB) की कार्यप्रणाली में पारदर्शिता, जवाबदेही और समावेशिता सुनिश्चित करना है।
नए नियमों में उत्कृष्ट खिलाड़ियों (SOM) की भागीदारी को विशेष महत्व दिया गया है। इसके तहत प्रत्येक राष्ट्रीय खेल निकाय की महासभा में कम से कम चार उत्कृष्ट खिलाड़ियों का प्रतिनिधित्व अनिवार्य किया गया है। महिला भागीदारी को बढ़ावा देने के लिए यह भी प्रावधान किया गया है कि महासभा में शामिल SOM में 50 प्रतिशत महिलाएं होंगी। इससे खेल प्रशासन में महिला खिलाड़ियों की आवाज को निर्णायक स्तर पर स्थान मिलेगा।
इसी क्रम में कार्यकारी समिति में भी महिलाओं के सशक्त प्रतिनिधित्व पर जोर दिया गया है। नियमों के अनुसार, प्रत्येक राष्ट्रीय खेल निकाय को अपनी कार्यकारी समिति में कम से कम चार महिलाओं का प्रतिनिधित्व सुनिश्चित करना होगा। इसके लिए निकाय अपने उपनियमों के माध्यम से महिलाओं के लिए विशिष्ट पद आरक्षित कर सकते हैं, जैसा कि अधिनियम में अनिवार्य किया गया है।
SOM के रूप में नामांकन के लिए पात्रता मानदंड भी स्पष्ट किए गए हैं। आवेदक खिलाड़ी की आयु कम से कम 25 वर्ष होनी चाहिए, वह सक्रिय खेलों से सेवानिवृत्त हो तथा आवेदन की तिथि से कम से कम एक वर्ष पहले तक किसी ऐसी प्रतियोगिता में भाग न लिया हो, जिसके आधार पर जिला, राज्य या राष्ट्रीय स्तर पर चयन होता हो। खेलों की विविधता और उपलब्धियों के स्तर को ध्यान में रखते हुए 10 स्तरीय मानदंड निर्धारित किए गए हैं, जिनमें ओलंपिक, पैरालंपिक और शीतकालीन ओलंपिक पदक विजेताओं से लेकर राष्ट्रीय खेलों और राष्ट्रीय चैंपियनशिप के पदक विजेता शामिल हैं।
नियमों में चुनाव प्रक्रिया को भी विस्तार से परिभाषित किया गया है। इसमें SOM आवेदन से लेकर अंतिम मतदाता सूची, नामांकन आमंत्रण और चुनाव संपन्न कराने तक प्रत्येक चरण के लिए स्पष्ट समयसीमा तय की गई है। साथ ही अयोग्यता मानदंड भी निर्धारित किए गए हैं। किसी अपराध में दोषसिद्ध होकर कारावास की सजा पाए व्यक्ति को महासभा या किसी समिति का सदस्य बनने अथवा चुनाव में भाग लेने से वंचित किया गया है।
इसके अलावा, राष्ट्रीय खेल चुनाव पैनल में हर समय कम से कम 20 योग्य सदस्यों का होना अनिवार्य किया गया है। निर्वाचन अधिकारी का शुल्क राष्ट्रीय खेल निकाय और अधिकारी की आपसी सहमति से तय होगा, जिसकी अधिकतम सीमा पांच लाख रुपये निर्धारित की गई है।
नियमों में यह भी प्रावधान है कि सभी राष्ट्रीय खेल निकाय छह महीने के भीतर अपने उपनियमों में आवश्यक संशोधन कर सकेंगे। विशेष परिस्थितियों में केंद्र सरकार को लिखित कारणों के आधार पर 12 महीने तक नियमों में छूट देने का अधिकार भी दिया गया है।
कुल मिलाकर, राष्ट्रीय खेल प्रशासन (राष्ट्रीय खेल निकाय) नियम, 2026 को खेल प्रशासन में सुधार, खिलाड़ियों की भागीदारी और लैंगिक संतुलन की दिशा में एक मील का पत्थर माना जा रहा है, जो भारतीय खेल व्यवस्था को अधिक मजबूत और विश्वसनीय बनाएगा।